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अल्फ़ाज़ का सौदागर

मैं सिर्फ़ अल्फ़ाज़ का सौदागर हूँ,
वह अल्फ़ाज़ जिन्हे ख़रीदनेवाला
बाग़ान की पगडन्डियों में
अज़ाद करता है;
पर जो मुकाम की तलाश में
तितलियों की तरह मन्डराती
रहती हैं 'ख़ाना बदोश',
पनाह की खोज में भटककर
फिर मेरे ही पास लौट आती कैं,
और मैं उन्हें फिर बेच देता हूँ|

यह कृति उमर बहुभाषीय रूपांन्तरक की मदद से देवनागरी में टाइप की गई है|

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