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मत आइएगा

लड़ख़ड़ा जाएँगे यह कदम, आप इस गली में मत आइएगा,
यह धड़कनें थम जाएँगी, आप कभी बेपरदा मत आइएगा,
आपका जो दीदार हुआ, न देखा जाएगा कोई और नज़ारा,
इसलिए गुज़ारिश है आपसे, कि ख़्वाबों में भी मत आइएगा|

Comments

Pankaj Upadhyay said…
wah isse achhi guzarish nahin suni...
Ozymandias said…
Bahut bahut shukriya aapka!