Skip to main content

मॊहब्बत का एक क़तरा

दुनिया के चाहत का दरिया क्यों न हो, क्या करेगा रामेश,
तेरे मॊहब्बत का एक क़तरा मिल जाए, जी जाएगा रामेश |

यह कृति उमर बहुभाषीय रूपांन्तरक की मदद से देवनागरी में टाइप की गई है|

Comments