दुनिया के चाहत का दरिया क्यों न हो, क्या करेगा रामेश,
तेरे मॊहब्बत का एक क़तरा मिल जाए, जी जाएगा रामेश |
यह कृति उमर बहुभाषीय रूपांन्तरक की मदद से देवनागरी में टाइप की गई है|
तेरे मॊहब्बत का एक क़तरा मिल जाए, जी जाएगा रामेश |
यह कृति उमर बहुभाषीय रूपांन्तरक की मदद से देवनागरी में टाइप की गई है|
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