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अश्क़

क़त्रे क़त्रे को रेशम में क़ैद कर रखा है मैंने,
तेरा मुस्कुराना सारे जहाँ पर मुबारक है,
पर तेरे चश्म से निकले हर अश्क़ पर सिर्फ़ मेरा हक़ है

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