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फ़ासलों को नज़दीकी में तबदील करना

तुम्हारी अवाज़ को क़ैद करके मुझ तक पहुँचाने में कमाल करती है,
पर टेलिफ़ोन की तार क्या जाने फ़ासलों को नज़दीकी में तबदील करना|
वह शायर जो तुम्हारे हर अहसास को अपनी नज़्म में बयान करे,
वह अल्फ़ाज़ का सौदागर जाने फ़ासलों को नज़दीकी में तबदील करना||

यह कृति उमर बहुभाषीय रूपांन्तरक की मदद से देवनागरी में टाइप की गई है|

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